साधक साधना में उपयोग की सामग्री (नैवेद्य, भोग) तथा अपना भोजन स्वयं तैयार करें। उस पात्र का जल २४ घण्टे बाद किसी वृक्ष पर चढ़ा दें। साधना समय में जिस मंत्र का जप कर रहें हों, उस मंत्र के देवता की प्रतिमा या फोटो अवश्य सामने स्थापित करें। Your browser https://vashikaran-specialist89999.affiliatblogger.com/91645893/helping-the-others-realize-the-advantages-of-smashan